30 अप्रैल से प्रारंभ होने वाली चारधाम व हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए शुरू हुए आधार आधारित आनलाइन पंजीकरण में गुरुवार को पहले ही दिन शाम पांच बजे तक 1,65,292 श्रद्धालु ने पंजीकरण कराया। केदारनाथ के लिए सर्वाधिक 53,570 पंजीकरण हुए। बदरीनाथ के लिए 49,385 लोगों ने पंजीकरण कराया। जबकि गंगोत्री के लिए 30,933 और यमुनोत्री के लिए 30,224 पंजीकरण हुए। वहीं, हेमकुंड साहिब की यात्रा में शामिल होने के लिए 1,180 श्रद्धालु ने पंजीकरण कराया। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से चारधाम यात्रा-2025 में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से आनलाइन आधार आधारित पंजीकरण शुरू किया दिया गया है। जिससे कि श्रद्धालुओं को अपनी पंजीकृत तिथि पर दर्शन लाभ प्राप्त हो सके
चारधाम यात्रा के वेबपोर्टल (Registrationandtouristcare.uk.gov.in) के माध्यम से 1,62,125 पंजीकरण हुए। जबकि मोबाइल एप (Tourist care Uttarakhand) पर 3,167 श्रद्धालु ने पंजीकरण कराया। वहीं, निजी वाहन से यात्रा में शामिल होने के लिए 1,750 पंजीकरण हुए। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को खुलेंगे। जबकि दो मई को केदारनाथ और चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा पूर्ण स्वरूप में शुरू हो जाएगी। आखिर में 25 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के संयुक्त निदेशक और चारधाम यात्रा के नोडल अधिकारी योगेंद्र गंगवार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि बिना पंजीकरण कराए चारधाम यात्रा में शामिल न हों।
महाराष्ट्र एवं मध्य-प्रदेश के श्रद्धालु ने कराया पहला पंजीकरण
चारधाम यात्रा के लिए वेबपोर्टल के माध्यम से पहला पंजीकरण महाराष्ट्र के आशीष कुमार द्विवेदी ने कराया। जबकि मोबाइल एप से मध्य-प्रदेश के अखिलेश कुमार बोर्डे ने पहला पंजीकरण किया।
टोल फ्री नंबर पर 652 सवालों का हुआ समाधान
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए जारी किए गए टोल फ्री नंबर (0135-1364) पर गुरुवार को 652 सवालों का समाधान किया गया।
You may also like
-
लोकगीतों से जागरूकता का संदेश दे रहे सब इंस्पेक्टर अनूप नयाल,
-
लोकगीतों से जागरूकता का संदेश दे रहे सब इंस्पेक्टर अनूप नयाल,
-
देहरादून, मसूरी क्षेत्रान्तर्गत हाथीपांव के पास एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त, एसडीआरएफ, उत्तराखंड ने किया 02 का रेस्क्यू
-
चारधाम यात्रा मार्गों पर समानांतर प्रणाली से भी हो सफाई व्यवस्था
-
उत्तराखंड में UKD की पूर्ण बहुमत की सरकार लाने के लिए प्रदेश के लोगों को एकजुट होना चाहिए।