पौड़ी खिर्सू में कठबद्दी मेले में आस्था का जनसैलाब उमड़ा. मेले में दूर दूर से लोग पहुंचा और कुल देवता का आशीर्वाद लिया.![]()
पौड़ी: जनपद के खिर्सू क्षेत्र के ग्वाड़–कोठगी गांवों में आयोजित पारंपरिक कठबद्दी मेले का इस वर्ष भी बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजन हुआ. यह मेला हर साल दोनों गांवों में बारी-बारी से होता है और इस बार कोठगी में धूमधाम से संपन्न हुआ. रविवार को देवताओं की पूजा-अर्चना से मेले की शुरुआत हुई, जिसके बाद रातभर ढोल-दमाऊं, जागरण और देव मंडाण से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा. सोमवार सुबह देव स्नान और विधिवत पूजा के बाद कुल देवताओं का आह्वान हुआ, जिसके साथ कठबद्दी की परंपरा निभाई गई. पंचायत चौक में पारंपरिक वेशभूषा, पगड़ी, लाल टीका और तलवारों के साथ कठबद्दी को सजाया गया. ढोल-दमाऊं की ताल पर रस्सियों के सहारे इसे लगभग 300 मीटर तक खिसकाया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और जयकारे गूंजने लगे. मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ प्रवासी भी शामिल हुए.
इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत भी मौजूद रहे. उन्होंने मेले को क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान बताते हुए कहा कि इसकी जानकारी यूनेस्को तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए जाएंगे, ताकि इस परंपरा को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके. मंदिर के पुजारी सोहन सिंह रावत के अनुसार, कठबद्दी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि प्रवासी ग्रामीणों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव भी है. हर साल दूर-दराज से लोग इसमें शामिल होकर अपनी जड़ों से जुड़ने का एहसास करते हैं.
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