Ola Electric ने बताया कि Ola S1 X+ (5.2kWh) को सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR), 1989 के तहत मंजूरी मिली है.![]()
हैदराबाद: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Ola Electric ने जानकारी दी कि कंपनी के मास मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर, Ola S1 X+ (5.2kWh) को सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR), 1989 के तहत इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT), मानेसर से मंज़ूरी मिल गई है, जो एक सरकारी सर्टिफाइड टेस्टिंग एजेंसी है.
Ola Electric ने अपने एक बयान में कहा कि Ola S1 X+ (5.2kWh) स्कूटर, जो कंपनी के अपने देश में ही बनाए गए 4680 Bharat Cell बैटरी पैक से चलता है, उसके मास मार्केट स्कूटर पोर्टफोलियो में सबसे ज़्यादा रेंज वाला प्रोडक्ट बन गया है.
कंपनी ने आगे जानकारी दी कि यह पूरे देश में ग्राहकों के एक बहुत बड़े वर्ग तक हाई-परफॉर्मेंस EV टेक्नोलॉजी पहुंचाने की दिशा में एक अहम पड़ाव है. Ola Electric के एक प्रवक्ता ने कहा कि, ” Ola S1 X+ 5.2 kWh को सरकारी सर्टिफिकेशन मिलना एक अहम पड़ाव है, क्योंकि हम अपनी खुद से डेवलप की गई 4680 Bharat Cell टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर आम बाज़ार तक पहुंचा रहे हैं.”
कंपनी के प्रवक्ता ने आगे कहा कि, “हमारे मास मार्केट पोर्टफोलियो में सबसे ज़्यादा रेंज वाला स्कूटर होने के नाते, यह रेंज, परफॉर्मेंस, सुरक्षा और भरोसे का एक मज़बूत मेल पेश करता है, जिससे EV पूरे भारत में ग्राहकों के एक बहुत बड़े वर्ग के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बन जाता है.”
क्या है 4680 Bharat Cell बैटरी पैक
Ola S1 X+ 5.2 kWh में इस्तेमाल होने वाला 4680 Bharat Cell भारत में Ola Electric द्वारा विकसित एक स्वदेशी, बेलनाकार लिथियम-आयन बैटरी सेल है. इस बैटरी का नाम इसके भौतिक आयामों (व्यास और ऊंचाई) से लिया गया है. इसे विशेष रूप से अत्यधिक ऊर्जा घनत्व, तेज़ चार्जिंग और कम उत्पादन लागत देने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
4680 Bharat Cell बैटरी पैक में क्या है यूनीक
टैबलेस इलेक्ट्रोड डिज़ाइन: पारंपरिक बैटरियां इलेक्ट्रिसिटी प्रवाहित करने के लिए धातु के टैब का इस्तेमाल करती हैं, जिससे गर्मी और प्रतिरोध पैदा होता है. 4680 डिज़ाइन इलेक्ट्रोड को सीधे सेल के सिरों से जोड़ता है, जिससे इलेक्ट्रिसिटी का प्रवाह अधिक सुचारू हो जाता है, गर्मी कम होती है, और यह 50 प्रतिशत तेज़ी से चार्ज हो पाता है.
ज़्यादा क्षमता: एक अकेला 4680 सेल, कंपनी के पुराने 2170 साइज़ के सेलों की तुलना में काफ़ी ज़्यादा ऊर्जा स्टोर कर सकता है, इसलिए बैटरी की उतनी ही क्षमता पाने के लिए कम सेलों की ज़रूरत पड़ती है.
बैटरी पैक से वज़न में कमी: कम, लेकिन बड़ी सेल्स का इस्तेमाल करने से पूरा बैटरी पैक काफी हल्का हो जाता है, जिससे स्कूटर की रेंज सीधे तौर पर बढ़ जाती है.
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