EC ने Google के एकाधिकार को खत्म करते हुए, अपने Android ऑपरेटिंग सिस्टम और सर्च डेटा को दूसरी कंपनियों को देने का आदेश दिया है.![]()
हैदराबाद: यूरोपियन कमीशन (EC) ने दो अहम फ़ैसले लिए हैं, जिनसे टेक दिग्गज Google को झटका लगा है. यूरोपियन यूनियन के डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) के तहत, Google को अपने Android ऑपरेटिंग सिस्टम और सर्च डेटा को दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के लिए उपलब्ध कराने के कानूनी आदेश जारी किए गए हैं.
यूरोपीय आयोग के फ़ैसले से बदलने वाले समीकरण:
- Google की ‘Gemini’ मोनोपॉली खत्म: Google को अब उन खास सिस्टम फीचर्स को दूसरे प्रतिस्पर्धी AI असिस्टेंट्स के लिए भी समान रूप से उपलब्ध कराना होगा, जो सालों से सिर्फ़ उसके अपने AI ‘Gemini’ तक ही सीमित थे.
- डिफ़ॉल्ट AI का कंट्रोल यूज़र्स के हाथ में: यूज़र्स अपने Android फ़ोन पर जिस भी AI चैटबॉट को डिफ़ॉल्ट असिस्टेंट के तौर पर सेट करेंगे, वह Gemini की तरह ही तेज़ी से और सभी दमदार फीचर्स के साथ काम करेगा.
- 60 प्रतिशत यूज़र्स की निराशा का अंत: यूरोप में 60 प्रतिशत Android यूज़र्स इस बात से नाखुश हैं कि सिस्टम फ़ीचर्स तक एक्सेस न होने के कारण दूसरे AI असिस्टेंट ठीक से काम नहीं करते हैं. हालिया फ़ैसला इस भेदभाव पर रोक लगाएगा.
- कंपटीटर्स के साथ सर्च डेटा शेयर करना: Google के लिए कानूनी तौर पर ज़रूरी है कि वह अपना सर्च डेटा (ऐसी जानकारी जिससे किसी व्यक्ति की पहचान न हो सके) दूसरे सर्च इंजन और AI चैटबॉट्स के साथ शेयर करे, ताकि वे अपने सर्च प्रोडक्ट्स को बेहतर बना सकें.
AI असिस्टेंट्स के लिए पूरी सुविधाएं – जुलाई 2027 की डेडलाइन
थर्ड-पार्टी AI ऐप्स भी Google Gemini जैसे सभी मुख्य फ़ीचर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे. जैसे यूज़र्स ‘Hey Google’ कहते हैं, वैसे ही वे सिर्फ़ एक वॉइस कमांड से अपनी पसंद के दूसरे AI असिस्टेंट्स को भी एक्टिवेट कर पाएंगे. इन नए बदलावों से थर्ड-पार्टी AI के लिए कैब बुक करना, चैट ऐप्स में जवाब के लिए सुझाव देना या हाल ही में घूमी हुई जगहों की जानकारी देना आसान हो जाएगा.
हालांकि, ऐसा करने के लिए संबंधित AI असिस्टेंट्स को आपकी लोकेशन हिस्ट्री, मैसेज और फ़ोन पर मौजूद दूसरे ऐप्स से कनेक्ट करने की अनुमति देनी होगी. EC ने आदेश दिया है कि ये सभी बदलाव जुलाई 2027 तक पूरी तरह से उपलब्ध करा दिए जाएं.
सर्च डेटा शेयरिंग को लेकर Google को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा
इसके अलावा, यूरोपियन कमीशन ने Google को निर्देश दिया है कि वह अपने सर्च इंजन डेटा (निजी डेटा को छोड़कर) को दूसरे योग्य सर्च इंजनों और सर्च फ़ीचर वाले AI चैटबॉट्स के साथ शेयर करे. यह फ़ैसला इसलिए लिया गया, ताकि प्रतिस्पर्धी कंपनियां अपने सर्च प्रोडक्ट्स को और बेहतर बना सकें और बाज़ार में Google के साथ प्रभावी ढंग से मुक़ाबला कर सकें.
Google अपनी सर्च सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिस स्तर का डेटा इकट्ठा करता है, वही डेटा दूसरी कंपनियों के साथ भी शेयर करना होगा. यूरोपीय आयोग के नियमों के तहत, Google को अपना डेटा शेयर करने से पहले उसे ‘मल्टी-लेयर्ड प्राइवेसी सिक्योरिटी’ सिस्टम के दायरे में लाना होगा. यह सिस्टम अंदरूनी और बाहरी प्राइवेसी एक्सपर्ट्स की मदद से तैयार किया जाएगा.
इस सिस्टम के तहत, जो जनवरी 2027 से लागू होगा, Google को डेटा शेयर करने से पहले साइबर सिक्योरिटी से जुड़े जोखिमों का आकलन करना होगा. इसके साथ ही, उसे अपने शेयर किए जाने वाले डेटा के लिए उचित कीमत तय करने की प्रक्रिया का भी पालन करना होगा.
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये क्रांतिकारी फ़ैसले टेक मार्केट में Google की मोनोपॉली को पूरी तरह से खत्म कर देंगे और छोटी स्टार्टअप कंपनियों और आम यूज़र्स को ज़्यादा आज़ादी देंगे.
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