जलविद्युत के साथ सौर ऊर्जा में भी उत्तराखंड ने अपनी पहचान बनाई है। 25 साल में जल विद्युत उत्पादन बढ़ा है। राज्य स्थापना के समय 992 मेगावाट का जल विद्युत उत्पादन 1440 मेगावाट पर पहुंचा।
उत्तराखंड राज्य स्थापना से लेकर आज तक एक ओर जहां जल विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है तो सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उत्तराखंड में ऊर्जा के 25 साल जहां सकारात्मक तरक्की की ओर कदम बढ़ाने वाले रहे तो वहीं पर्यावरणीय कारणों से चुनौतियां भी कम नहीं रही। आने वाले समय में निश्चित तौर पर सौर ऊर्जा, जल विद्युत परियोजनाओं के साथ ही कोयला आधारित ऊर्जा उत्पादन से उत्तराखंड ऊर्जा क्षेत्र में देश के सरप्लस राज्यों में शुमार हो सकता है।
You may also like
-
2 जुलाई को उत्तराखंड के 13 जिलों में होगी मानसून मॉक ड्रिल, 70 स्थानों पर परखी जाएंगी तैयारियां
-
VHP मार्गदर्शक मंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले, इन मुद्दों पर कानून बनाने की मांग
-
बहुराष्ट्रीय FMCG कंपनी पर लगा 3 लाख का जुर्माना निरस्त, ‘महा वैल्यू’ को झूठा-भ्रामक संदेश साबित नहीं कर पाया अभियोजन
-
पशुपालकों की आमदनी के खुलेंगे द्वार, उत्तराखंड बनने जा रहा देश का पहला राज्य
-
उत्तराखंड में कल 21,000 से ज्यादा अभ्यर्थी देंगे NEET री-एग्जाम, बसों में फ्री यात्रा की सुविधा

