कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर प्रिया बैंड के पास एक के बाद एक दो टेंपो ट्रेवलर अनियंत्रित होकर पलट गए। इन दुर्घटनाओं में कुल 24 पर्यटक घायल हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे हल्द्वानी स्थित एसटीएच रेफर किया गया है।
नैनीताल से घूमकर लौट रहे पर्यटकों के दो टेंपो ट्रेवलर वाहन रविवार शाम एक के बाद एक अनियंत्रित होकर पलट गए। हादसों में 24 पर्यटक घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद एक गंभीर घायल को एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है।
शाम करीब सवा छह बजे कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर प्रिया बैंड के पास पहला टेंपो ट्रेवलर अनियंत्रित होकर पलट गया। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया कि इस बीच करीब पौने आठ बजे प्रिया बैंड से नीचे दूसरा टेंपो ट्रेवलर भी पलट गया। एसएसआई पंकज जोशी ने बताया कि आपात सेवा 108 एंबुलेंस, डायल 112 और राजस्व विभाग के वाहनों से घायलों को सीएचसी कालाढूंगी लाया गया। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
ये हुए घायल
पहले वाहन में गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के सात पर्यटक घायल हुए। घायलों में कृष्णा (15), ऋषिका (25), उमा (60) और पूजा (40) शामिल हैं। देवेंद्र कुमार गुप्ता (60), गिरीश (30) और सतीश कुमार (50) भी घायल हुए। देवेंद्र कुमार गुप्ता को गंभीर चोटें आईं हैं, उन्हें एसटीएच हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। दूसरे वाहन में दिल्ली के 14 पर्यटक और चालक घायल हो गए। इनमें राजकुमार (75), अंजू बलिया, राजीव (40), पूजा नागपाल (40), विनय मिश्रा (50), विमल कुमार (24), अवनीश कुमार (42), मीना वर्मा (47), क्रिस्टीना वर्मा (3), रिंकू (5), अर्णव यादव (26), संदीप शुक्ला, कला अग्रवाल (14) और चालक अनुज शामिल हैं।
एसटीएच लाए गए पांच घायल
कालाढूंगी में टेंपो ट्रेवलरों के पलटने के बाद गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को एसटीएच भेजा गया। सबसे पहले मोतीपुर के गिरीश को एंबुलेंस से लाया गया। दाहिने हाथ में चोट के चलते उन्हें एक्सरे के लिए भेजा गया। इसके बाद चार अन्य घायल भी एसटीएच पहुंचे। इन्हें तत्काल इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। किसी को हाथ में तो किसी को पैर में गंभीर चोट आई थी।
कालाढूंगी के पास वाहन पलटने की घटना सामने आई है। परिवहन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। प्रथमदृष्टया रोड डिजाइन भी कारण हो सकता है। सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-अरविंद कुमार पांडे, आरटीओ
You may also like
-
बरसात ने छीना सिल्लासौड़ का रास्ता, सालभर बाद भी नहीं सुधरे हालात, जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं बच्चे
-
उत्तराखंड के जंगलों में उपलब्ध पानी का पहली बार जुटाया गया डाटा, 3 साल में लबालब हुई जंगलों की वाटर बॉडी
-
उत्तराखंड के जंगलों में उपलब्ध पानी का पहली बार जुटाया गया डाटा, 3 साल में लबालब हुई जंगलों की वाटर बॉडी
-
उत्तराखंड में केंद्र से मंजूरी के बाद शुरू होंगे कई प्रोजेक्ट्स! अब भी 400 रोड्स की स्वीकृति का इंतजार
-
NEET UG 2026: पहले राउंड के सीट अलॉटमेंट में 22,342 तक मिला MBBS सीट, AIIMS में सबसे नीचे रेवाड़ी 3948 पर