हरिद्वार में आस्था और श्रद्धा का पर्व छठ महापर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ आरंभ हुआ। नहाय-खाय के साथ इस चार दिवसीय पर्व की शुरुआत हुई, जिससे पूरे शहर का माहौल भक्ति से सराबोर हो गया। घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं महिलाओं ने परंपरागत वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकालकर छठ पूजा का शुभारंभ किया।
सुबह से ही गंगा घाटों पर महिलाओं ने स्नान कर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना की। यात्रा में पारंपरिक गीतों की गूंज के साथ महिलाएं सिर पर कलश लेकर नगर भ्रमण करती नजर आईं। पूरे मार्ग में “छठ मइया के जयकारे” से वातावरण भक्तिमय हो गया।
छठ पर्व में महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करते हुए 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं। यह पर्व सूर्य उपासना और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक है।
हरिद्वार प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतज़ाम किए हैं। नगर निगम और पुलिस प्रशासन की टीमें घाटों पर लगातार निगरानी कर रही हैं।
अगले चरण में श्रद्धालु संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य अर्पित कर सूर्य देव की उपासना करेंगे। इस अवसर पर गंगा तटों पर दीपों की रौशनी और भक्ति संगीत से हरिद्वार का वातावरण एक बार फिर आस्था और अध्यात्म के रंगों में रंग गया।
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