जकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक, जिला, मंडल व प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव के लिए हर ब्लॉक स्तर पर मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
शासन ने राजकीय शिक्षक संघ के संविधान में संशोधन को मंजूरी दे दी। जिससे संगठन के चुनाव में अब हर शिक्षक को मतदान का अधिकार मिला है। खास बात यह है कि ब्लॉक, जिला, मंडल और प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव अलग-अलग दिन न होकर एक ही दिन होंगे। वहीं, इसके लिए शिक्षकों को किसी तरह की छुट्टी नहीं मिलेगी। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए चुनाव गर्मी या सर्दियों की छुट्टी में होंगे।
शासन ने जारी आदेश में कहा, राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक, जिला, मंडल व प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव के लिए हर ब्लॉक स्तर पर मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। शिक्षक सदस्य अपने विद्यालय के ब्लॉक में स्थित मतदान केंद्र पर ही मतदान कर सकेंगे। वहीं, विभिन्न स्तरों की कार्यकारिणी के चुनाव अनिवार्य रूप से सरकारी छुट्टी के दिन ही होंगे। चुनाव में प्रतिभाग के लिए शिक्षकों को किसी भी तरह का कोई विशेष आकस्मिक अवकाश, यात्रा अवकाश नहीं दिया जाएगा।
इसके लिए किसी भी तरह का यात्रा या अन्य कोई भत्ता भी नहीं मिलेगा। चुनाव खर्च के फिर से निर्धारण के लिए भी निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से अपने स्तर से नियमानुसार विचार किया जाएगा। चुनाव कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई भी वित्तीय व्ययभार वहन नहीं किया जाएगा। चुनाव का पूरा खर्च राजकीय शिक्षक संघ की ओर से उठाया जाएगा।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने चुनाव के लिए छुट्टी न मिलने के आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा, यह संगठन को खत्म करने की साजिश है। संगठन की इस तरह की मांग नहीं थी। संगठन की मांग थी कि सभी को मत देने का अधिकार दिया जाए, लेकिन इसमें कई अन्य शर्तें जोड़ दी गई हैं।
डॉ. अंकित जोशी ने दाखिल की थी याचिका
हर शिक्षक को मतदान का अधिकार मिले इसे लेकर प्रवक्ता डॉ. अंकित जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि सभी शिक्षकों को मत का अधिकार मिलना स्वागत योग्य है, लेकिन चुनाव के लिए शिक्षकों को छुट्टी मिलनी चाहिए। संविधान में कार्मिकों को संगठन बनाने अधिकार है।
अब तक ऐसे होते रहे हैं चुनाव
राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय व मंडल कार्यकारिणी के चुनाव में वर्तमान में डेलीगेट व्यवस्था है। जिसके तहत एक से 10 शिक्षकों वाले विद्यालय में एक शिक्षक मतदान करते हैं। जबकि 11 से 20 शिक्षक वाले विद्यालय से दो शिक्षक डेलीगेट के रूप में मतदान करते हैं। वहीं, ब्लॉ, जिला, मंडल व प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव के लिए अलग-अलग दिन छुट्टियां होती थी। जिसमें संगठन के दो से तीन दिन के अधिवेशन में चुनाव होते थे। जबकि अब छुट्टी वाले दिन एक ही दिन में चुनाव होंगे।
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