उत्तराखंड को केंद्र से करीब 800 करोड़ की धनराशि को मंजूरी, आपदा से हुए नुकसान में करेगा ‘मरहम’ का काम

पीएम मोदी ने की थी 1200 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की घोषणा, पहले चरण में करीब 800 करोड़ की धनराशि को मिली सैद्धांतिक स्वीकृति

देहरादून: उत्तराखंड को हर साल मानसून सीजन के दौरान आपदा का दंश झेलना पड़ता है. जिसमें जान माल को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचता है. ऐसे ही कुछ स्थिति पिछले साल भी देखने को मिली. धराली आपदा के साथ प्रदेश में भारी बारिश के चलते राज्य को काफी ज्यादा नुकसान हुआ.

इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब उत्तराखंड आए थे, तब उन्होंने आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए 1200 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की घोषणा की. ऐसे में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भारत सरकार ने पहले चरण में करीब 800 करोड़ से ज्यादा की धनराशि को जारी करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है.

साल 2025 में आपदा ने मचाई भारी तबाही: दरअसल, उत्तराखंड में पिछले साल मानसून के दौरान 5 अगस्त 2025 को धराली-हर्षिल में आपदा आई थी. इस आपदा के आने के बाद प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में आपदा आने का सिलसिला शुरू हो गया था. भारी बारिश के चलते उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, उधम सिंह नगर और देहरादून में भी आपदा जैसे हालात बने थे

पीएम मोदी ने की थी राहत पैकेज की घोषणा: इसको देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से नुकसान का आंकलन किया गया था. आपदा प्रबंधन विभाग ने करीब 5702.15 करोड़ रुपए का मेमोरेंडम तैयार भारत सरकार को भेजा गया था. उसी दौरान उत्तराखंड दौरे पर आए

पीएम मोदी ने उत्तराखंड को तात्कालिक राहत पैकेज के रूप में 1200 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राहत पैकेज की घोषणा के बाद आपदा प्रबंधन विभाग में इस राहत पैकेज को प्राप्त करने के लिए पीडीएनए (पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट) कराने का निर्णय लिया. ताकि, पीडीएनए के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से घोषित आर्थिक पैकेज की धनराशि को जारी करवाया जा सके. ऐसे में अक्टूबर महीने में प्रदेश के सभी जिलों का पीडीएनए करवाया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राहत पैकेज की घोषणा के बाद आपदा प्रबंधन विभाग में इस राहत पैकेज को प्राप्त करने के लिए पीडीएनए (पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट) कराने का निर्णय लिया. ताकि, पीडीएनए के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से घोषित आर्थिक पैकेज की धनराशि को जारी करवाया जा सके. ऐसे में अक्टूबर महीने में प्रदेश के सभी जिलों का पीडीएनए करवाया गया.

आपदा से कितना हुआ था नुकसान? पीडीएनए के दौरान 15,103.52 करोड़ रुपए के नुकसान का आंकलन किया गया. जिसमें प्रत्यक्ष क्षति के रूप में 3,792.38 करोड़अप्रत्यक्ष क्षति के रूप में 312.19 करोड़ और व्यवस्थाएं पटरी पर लाने एवं बेहतर पुनर्वास पुनर्निर्माण के लिए 10,998.95 करोड़ रुपए की जरूरत का जिक्र किया गया. इस रिपोर्ट को भारत सरकार को भेज दिया गया था.

ऐसे में अब भारत सरकार की ओर से आपदा से हुए नुकसान की आवाज में करीब 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है. जिसके बाद अब उत्तराखंड सरकार, सैद्धांतिक स्वीकृति मिले बजट को जारी करने के लिए कागजी कार्रवाई की कवायद में जुट गई है.

भारत सरकार ने कुछ बजट को स्वीकृत कर दिया है. ऐसे में बजट जारी किए जाने को लेकर भारत सरकार की ओर से कुछ जानकारियां और मांगी गई है. जिसकी डिटेल तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही भारत सरकार को भेजा जाएगा. जिसके बाद भारत सरकार से पैसा प्राप्त हो जाएगा.“- विनोद कुमार सुमन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग

आपदा आने के बाद आपदा की वजह से हुए नुकसान का फील्ड सर्वे करके आकलन किया जाता है. इसके साथ ही एसडीआरएफ के नॉर्म्स को देखते हुए किस तरह से मदद की जा सकती है.“- विनोद कुमार सुमन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग

इसके साथ ही रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन के कार्य, रेस्क्यू रिलीफ के कार्यों को देखते हुए और अपने लिमिटेशन को देखते हुए तत्काल धनराशि स्वीकृत जाती है. ऐसे में पिछले साल जो आपदा की वजह से नुकसान हुआ था, उसमें से काफी काम किए जा चुके हैं, कुछ काम पाइपलाइन में हैं, जिनको भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.“- विनोद कुमार सुमन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग

फिलहाल, केंद्र सरकार से बजट की स्वीकृति को बड़ी राहत मानी जा रही है. क्योंकि, इससे आपदा से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी. जहां कहीं पुनर्निर्माण के काम करने होंगे, उसमें तेजी आएगी. वहीं, अब मानसून सीजन भी आने वाला है. ऐसे में उससे निपटने के लिए तैयारी करनी होगी.