उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ) के उपलक्ष्य में प्रदेश विधानसभा में एक विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए विधानसभा सचिवालय ने तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।
कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार
सूत्रों के अनुसार, यह विशेष सत्र नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है और इसमें राज्य गठन से लेकर अब तक की विकास यात्रा, चुनौतियाँ और उपलब्धियाँ प्रमुख विषय होंगे। इस अवसर पर कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट हस्तियों को भी आमंत्रित किया जा सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष करेंगे निगरानी
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण स्वयं इस आयोजन की तैयारियों की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम की रूपरेखा समय से पहले तैयार कर प्रस्तुत की जाए और आयोजन के हर पहलू में उत्तराखंड की गरिमा और संस्कृति का समावेश हो।
राज्य के लिए ऐतिहासिक अवसर
उत्तराखंड ने वर्ष 2000 में एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अपना गठन किया था। इस वर्ष स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे राज्यभर में विविध आयोजन किए जा रहे हैं। विधानसभा में प्रस्तावित यह विशेष सत्र राज्य के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे शामिल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशेष सत्र के साथ-साथ उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, साहित्य और सामाजिक योगदान से जुड़े विविध कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि रजत जयंती को एक व्यापक जनभागीदारी वाला पर्व बनाया जा सके।
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