कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने आईएमए उपाध्यक्ष, उसके पति और तीन अस्पताल संचालक समेत छह गिरफ्तार किए हैं। आरोपी जरूरतमंद से पांच से 10 लाख में किडनी खरीदते थे और उसे एक करोड़ रुपये तक में बेच देते थे। अवैध रूप से किडनी की खरीद-फरोख्त कर ट्रांसप्लांट करने वाले गिरोह के तार विदेश तक फैले हैं। गिरोह ने पिछले दो साल में अवैध ढंग से 50 से अधिक मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट की। 3 मार्च को भी आहूजा हॉस्पिटल में दक्षिण अफ्रीका की महिला अरेबिका की अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। पुलिस ने 15 आरोपियों के खिलाफ मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। गिरफ्तार आरोपियों में मेडलाइफ हॉस्पिटल का संचालक राजेश कुशवाहा, प्रिया हॉस्पिटल का संचालक नरेंद्र सिंह, आरोही हॉस्पिटल का संचालक राम प्रकाश कुशवाहा शामिल है।अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट की सूचना मिलीपूछताछ में पुलिस को पता चला कि किडनी देने वाला युवक मूलरूप से बिहार का रहने वाला आयुष है। वह देहरादून में एमबीए के चौथे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है जबकि किडनी लेने वाली मरीज मुजफ्फरनगर निवासी पारुल तोमर हैं। किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया आहूजा हॉस्पिटल में हुई थी। इसके बाद आरोपियों ने दोनों मरीजों को गॉल ब्लैडर (पित्त की थैली) की पथरी का मरीज बताकर मेडलाइफ और प्रिया हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया था। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें गिरोह के अन्य सदस्य व डॉक्टरों की तलाश में दिल्ली, नोएडा के लिए रवाना हो गई हैं। जांच के दायरे में आए तीन अन्य नर्सिंगहोम संचालकों को देर रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जांच में पता चला कि दलाल शिवम आठवीं पास है। वह खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को फंसाता था।नोएडा से आती थी डॉक्टरों की टीम, पुलिस ने तेज की तलाश
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ट्रांसप्लांट करने वाले नोएडा निवासी डॉ. रोहित, डॉ. अफजाल, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग की तलाश की जा रही है। डॉ. अफजाल और अन्य आरोपी टेलीग्राम चैनल के माध्यम से एक दूसरे के संपर्क में रहते थे।
You may also like
-
वीआईपी कार्यक्रम और धनतेरस को लेकर देहरादून पुलिस ने जारी किया रूट प्लान, इन रास्तों पर जाने से बचें
-
US मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन की हार के बाद व्हाइट हाउस ने ट्रंप की तस्वीर शेयर कर लिखा, नेवर सरेंडर
-
उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा, गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी के पास नदी में गिरी इनोवा, 4 लोगों की दर्दनाक मौत
-
सर्दी की दस्तक के साथ उत्तराखंड में बढ़े वन्य जीवों के हमले, कहीं हाथियों का उत्पात तो कहीं भालू-गुलदार ले रहे जान
-
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में 71 फीसदी हिस्सेदारी 3 मैदानी जिलों की, 26 साल में बहुत पीछे छूटे पहाड़ी जिले
