आमतौर पर महिलाएं लापरवाही से स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से हो जाती हैं ग्रसित, पौड़ी और टिहरी में स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग कैंप शुरू
देहरादून: उत्तराखंड में महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर करने की दिशा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. जिसके तहत पौड़ी और टिहरी जिलों में स्तन कैंसर की समय रहते पहचान के लिए आधुनिक तकनीक डिवाइस के जरिए हफ्ते में दो बार स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया जाएगा. ताकि, प्रदेश की महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर के मामलों की शुरुआती पहचान कर समय पर उनका उपचार किया जा सके.
आधुनिक तकनीक डिवाइस से होगी स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान: एनएचएम के सहायक निदेशक डॉ. फीदुज्जफर ने बताया कि आधुनिक तकनीक डिवाइस के माध्यम से स्क्रीनिंग से स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान संभव होगी. विभाग की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक ये सुविधा पहुंचे और समय रहते उनका उपचार सुनिश्चित किया जा सके.
एनएचएम की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, पौड़ी जिले में दो आधुनिक तकनीक डिवाइस जिला चिकित्सालय में और एक उप जिला चिकित्सालय में स्थापित किए गए हैं. वहीं, टिहरी जिले में एक डिवाइस जिला चिकित्सालय में लगाया गया है. इन डिवाइसों के जरिए अत्याधुनिक तकनीक से स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच की जा सकेगी, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी लाभ मिलेगा.
हफ्ते में दो बार लगेगा स्क्रीनिंग शिविर: सभी एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) क्लीनिकों में कैंप मोड में हफ्ते में दो बार स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे. ये शिविर हर मंगलवार और शुक्रवार को लगाए जाएंगे. हालांकि, इस हफ्ते शुक्रवार को अवकाश होने के चलते पहला शिविर शनिवार को आयोजित किया जाएगा.
एनसीडी पोर्टल पर दर्ज होगा डेटा: ये दोनों कर्मचारी शिविरों के आयोजन और संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे. साथ ही सभी स्क्रीनिंग से संबंधित डेटा एनसीडी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा और रोजाना शाम 4 बजे तक रिपोर्ट पेश करनी होगी. इस पहल से खासतौर पर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाओं को राहत मिलेगी, जिन्हें अब जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा.
“यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. शुरुआती स्तर पर कैंसर की पहचान होने से उपचार की सफलता दर बढ़ती है और जीवन बचाया जा सकता है.“- डॉ. रश्मि पंत, निदेशक, एनएचएम उत्तराखंड
स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस अभियान से न केवल स्तन कैंसर की समय पर पहचान संभव होगी, बल्कि महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी. उत्तराखंड में शुरू की गई यह पहल महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम कदम साबित हो सकती है, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में मील का पत्थर बनेगी.
“ये कार्यक्रम राज्य में कैंसर नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करेगा. नियमित शिविरों के माध्यम से हम ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग कर पाएंगे और संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान सुनिश्चित होगी. हमारी प्राथमिकता है कि हर महिला तक यह सुविधा पहुंचे.“- मनुज गोयल, मिशन निदेशक, एनएचएम उत्तराखंड
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