नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली को लेकर स्थानीय लोग मुखर हैं. विधायक के आश्वसन के बाद स्थानीय लोगों ने धरना समाप्त किया.
चमोली: नारायणबगड़ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आठ दिनों से चल रहा धरना बीते रोज थराली विधायक भूपाल राम टम्टा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया. आंदोलनकारियों ने अस्पताल को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाने, चिकित्सकों की तैनाती और जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग उठाई. विधायक ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल धरना समाप्त करने का निर्णय लिया.
क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज नेगी और विपिन परिहार के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के आठवें दिन विधायक भूपाल राम टम्टा नारायणबगड़ पहुंचे. उन्होंने धरनास्थल पर आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान आंदोलनकारियों ने उन्हें मांगपत्र सौंपकर क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से अवगत कराया. आंदोलनकारियों के अनुसार, विधायक ने दो दिनों के भीतर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की नियुक्ति कराने के साथ छह बेड, प्रसूति टेबल, एक्स-रे मशीन और एक्स-रे टेक्नीशियन की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया.
इसके अलावा अस्पताल को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही.आंदोलनकारियों का कहना है कि नारायणबगड़ और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है. ऐसे में अस्पताल में एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, रेडियोलॉजिस्ट और महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है. उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार की व्यवस्था होने से मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी.
विधायक के आश्वासन पर आठवें दिन धरना समाप्त करने के बावजूद आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे. जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन भी किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं होने पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में नारायणबगड़ क्षेत्र की जनता चुनाव बहिष्कार का निर्णय भी ले सकती है.
धरना समाप्ति के दौरान ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप बुटोला, जिला पंचायत सदस्य सुरी कनेरी, मोनू सती, जयदीप सिंह और कमलेश सती सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे. फिलहाल विधायक के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन नारायणबगड़ के लोगों को अब स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए ठोस कार्रवाई का इंतजार है. आश्वासन के बाद समाप्त हुए धरने के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं में सुधार कब तक हो पाएगा.
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